रविशंकर प्रसाद बोले, कांग्रेस ने चीन के सामने टेके थे घुटने,

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रविशंकर प्रसाद बोले, कांग्रेस ने चीन के सामने टेके थे घुटने, चीनी दूतावास से ली गई थी रिश्वत

India News Hindi: भारत-चीन तनाव के बीच कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर तीखी बयान बाजी कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार भी कांग्रेस को आड़े हाथों ले रही है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि 2008 में कांग्रेस ने चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ एक (सहमति ज्ञापन) MoU किया था। जिसमें राहुल गांधी खुद साइन कर रहे थे और पीछे सोनिया गांधी और चीन के अभी के राष्ट्रपति शी जिनपिंग खड़े थे। तब की कांग्रेस सरकार ने चीन के सामने घुटने टेक दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा कि अब तक कांग्रेस ने ये नहीं बताया कि पार्टी-से-पार्टी का ये रिश्ता क्यों बना।

रविशंकर प्रसाद बोले, कांग्रेस ने चीन के सामने टेके थे घुटने, चीनी दूतावास से ली गई थी रिश्वत
कांग्रेस से सवाल पूछते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब तक कांग्रेस ने ये नहीं बताया कि पार्टी-से-पार्टी का ये रिश्ता क्यों बना है।

भारत-चीन तनाव के बीच कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर तीखी बयान बाजी कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार भी कांग्रेस को आड़े हाथों ले रही है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि 2008 में कांग्रेस ने चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ एक (सहमति ज्ञापन) MoU किया था। जिसमें राहुल गांधी खुद साइन कर रहे थे और पीछे सोनिया गांधी और चीन के अभी के राष्ट्रपति शी जिनपिंग खड़े थे। तब की कांग्रेस सरकार ने चीन के सामने घुटने टेक दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा कि अब तक कांग्रेस ने ये नहीं बताया कि पार्टी-से-पार्टी का ये रिश्ता क्यों बना।

कांग्रेस पर पलटवार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चीन के दूतावास ने राजीव गांधी फाउंडेशन को 90 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। जब एक कानून है, जिसके तहत कोई भी पार्टी बिना सरकार की अनुमति के विदेश से पैसा नहीं ले सकती है, तो क्या सरकार से मंजूरी ली गई थी। पहले कांग्रेस पार्टी इसका जवाब दे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए डोनर की 2005-06 की सूची है। इसमें साफ है कि चीन के दूतावास ने डोनेट किया। ऐसा क्यों हुआ, क्या जरूरत पड़ी। इसमें कई उद्योगपतियों, पीएसयू का भी नाम है। क्या ये काफी नहीं था कि चीनी दूतावास से भी रिश्वत ली गई।

वहीं, इसके पहले केंद्रीय कानून मंत्री ने दैनिक जागरण से विशेष बात करते हुए कहा था कि देश के प्रधानमंत्री की ओर से सभी दलों को और देश को आश्वस्त किया गया है, लेकिन राहुल गांधी और सोनिया गांधी आश्वस्त होना नहीं चाहते तो क्या करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या राहुल गांधी तय करेंगे कि देश कैसे चलेगा। कोई भी दल उनके साथ नहीं खड़ा है। उनकी तो आदत ही है सवाल खड़ा करना। सर्जिकल स्ट्राइक हुआ तो सवाल, बालाकोट हुआ तो सवाल और सुबूत। उनका क्या करें।

गौरतलब है कि जब से पूर्वी लद्दाख के गलवन घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई है तब से ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी मोदी सरकार पर हमलावर हैं।

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