माउथ वॉश से भी मर सकता है कोरोना वायरस- शोध में खुलासा

407
How to Use Mouthwash Safely

दुनिया भर के चिकित्सा विशेषज्ञ अभी तक कोरोना वायरस इलाज की खोज नहीं कर पाए हैं. लेकिन इस क्रम में हो रहे शोध अध्ययनों से कुछ रोचक तथ्य सामने आए हैं. इन्हीं में से एक है कि मुंह से आने वाली दुर्गंध व दांतों की सतह पर जमने वाले प्लाक को हटाने के लिए हम जिस माउथ वॉश का उपयोग करते हैं उससे कोरोना के संक्रमण को घटाया जा सकता है. दरअसल, वैज्ञानिकों ने अपने शोध अनुसंधान में पाया कि कोरोना वायरस ट्रांसमिशन को साधारण माउथवॉश के प्रयोग से रोका जा सकता है. अध्ययन बताता है कि संक्रमण के शरीर के भीतर फैलने में मुंह की एक जरूरी किरदार होती है जो दुनिया स्तर पर संक्रमण दर को बढ़ा रही है. शोध करने वाले वैज्ञानिकों की टीम का दावा है कि यह वायरस के फैट (वसा या चर्बी) की बाहरी परत को संभावित रूप से नष्ट कर सकता है.

‘फंक्शन’ मैगजीन में छपे शोध के निष्कर्षों के अनुसार हमारे गले व लार ग्रंथियां जहां कोरोना वायरस सरलता से खुद को पनपने के लिए कोशिकाओं पर अतिक्रमण कर लेता है व प्रारंभिक चरण के दौरान खुद को तेजी से शरीर में फैलने के लिए अपनी आबादी कई गुना कर लेता है. अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोविड-19 एक खोल वाला (एनवेलप्ड वायरस) वायरस है जिसमें एक बाहरी लिपिड झिल्ली होती है जो होस्ट सेल से प्राप्त होती है जिससे कि कोरोना वायरस चिपका होता है.

अध्ययन का मुख्य आकर्षण कोरोना वायरस सहित अन्य खोल वाले विषाणुओं पर केंद्रित है जिसमें बोला गया है कि सार्स-कोवि-19 संचरण की आसार को कम करने के लिए मुंह की अंदरूनी सफाई को एक संभावित तरीका माना जाना चाहिए. शोधकर्ता अनुसंधान के दौरान एक कोशिका की झिल्ली पर रिसेप्टर साइटों को पहचानने में सक्षम थे जो कि ढके हुए कोरोना वायरस की सतह पर संक्रमण पैदा कर सकते हैं जहां स्पाइक प्रोटीन स्थित हो सकते हैं. बताते चलें कि कोरोनावायरस का नाम स्पाइक्स से आता है जो उन्हें ‘मुकुट’ जैसा दिखाता है.

एक माउथवॉश में आमतौर पर पोविडोन-आयोडीन, इथेनॉल व सेटिलपाइरिडिनियम सहित कई तत्व मिले होते हैं. हालांकि वैज्ञानिकों ने बताया कि अभी इस निष्कर्ष पर व शोध किए जाने की जरूरत है क्योंकि वे अभी भी अनिश्चित हैं कि माउथवॉश के घटक मुंह में बायोमेम्ब्रेंस के साथ सम्पर्क करने की अपनी क्षमता को कितने समय तक बनाए रख सकते हैं. अध्ययन के प्रमुख लेखक व कार्डिफ़ विश्वविद्यालय, यूके की प्रोफेसर वैलेरी ओडॉनेल का बोलना है कि माउथवॉश का सुरक्षित उपयोग यानी गरारे करने से संक्रमण को रोकने में कुछ हद तक सहायता मिल सकती है.

Read More:UPI भुगतान में पेटीएम बैंक सबसे बेहतर

क्योंकि माउथवॉश में पर्याप्त मात्रा में ऐसे तत्व होते हैं जो टेस्ट-ट्यूब प्रयोगों व सीमित नैदानिक अध्ययन के आधार पर यह साबित करते हैं कि वे कोरोना जैसे खोल या बाहरी सतह वाले वायरस में लिपिड झिल्ली को प्रभावी तरीका से नष्ट कर सकते हैं. हालांकि ओडॉनेल ने यह भी दोहराया कि लोगों को अभी भी चिकित्सा पेशेवरों और लोकल सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रदान किए गए तरीकों का पालन करना चाहिए क्योंकि अध्ययन अभी तक क्लिीनिकल रूप से प्रमाणित नहीं है.