भारत की सेनाएं हाई अलर्ट पर, चीन से कहा बातचीत से पहले पीछे हटे

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भारत की सेनाएं

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी विवाद के बीच मंगलवार को राजधानी में हुई चाइना स्टडी ग्रुप (सीएसजी) की हाईप्रोफाइल बैठक के बाद भारत ने चीन को लेकर अपनी भावी रणनीति का खाका लगभग तैयार कर लिया है, जिसमें अब आने वाले वक्त में उसे यह साफ कर दिया जाएगा कि बातचीत की मेज पर आने से पहले वह एलएसी के तमाम विवादित इलाकों से अपनी सेना को पूरी तरह से पीछे हटाए।

एलएसी पर शांति चाहता भारत

रक्षा सूत्रों से बताया कि करीब तीन घंटे तक चली सीएसजी की बैठक में भारत ने अपना रूख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह एलएसी पर शांति और सौहार्द का पक्षधर है और इसे बनाए रखने के लिए लगातार चीन के समक्ष यह मांग करता रहेगा कि दोनों देशों की सेनाएं अप्रैल 2020 वाली पुरानी स्थिति में ही नियमित रूप से सीमा पर गश्त करें। इस बैठक में विदेश मंत्री एस़ जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, सेनाप्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावणे समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इसका उद्देश्य बीते रविवार को भारत, चीन के सैन्य कमांडरों के बीच एलएसी विवाद को लेकर मॉल्डो में हुई पांचवी बैठक के निष्कर्षों पर चर्चा करने से लेकर देश की भावी रणनीति का खाका तैयार करना था। इसे लेकर विदेश मंत्रालय या सेना की तरफ से जल्द आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है। उधर एलएसी से सेनाएं हटाने को लेकर चीन का अड़ियल रूख बरकरार है, जिसे देखते हुए भारत की सशस्त्र सेनाएं हाईअलर्ट पर हैं और पीएलए की हर गतिविधि की पूरी गंभीरता के साथ निगरानी कर रही हैं। बीते 28 जुलाई को भी सीएजी की बैठक हुई थी।

खाली करो गोगरा, फिंगर एरिया

भारत मौजूदा विवाद के समाधान के लिए चीन के साथ भविष्य में सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर जारी बातचीत के सिलसिले को कायम रखने के पक्ष में है। लेकिन इसके लिए चीन को जमीनी स्तर पर अपनी कथनी और करनी के अंतर को खत्म करना पड़ेगा। पांचवे दौर की सैन्य कमांडरों की बैठक से लेकर अब आगामी चर्चाओं में भी भारत का पूरा जोर गलवान घाटी के गोगरा और पेंगांग त्सो झील के फिंगर इलाके से पूरी तरह से पीएलए सेना की वापसी पर रहेगा।

गोगरा में शुरुआत में कुछ पीछे हटने के बाद चीनी सेना फिर से यहां आकर डट गई है। ऐसे ही फिंगर 4-5 के इलाके में भी उसने डेरा डालकर भारतीय सेना को गश्त करने से रोक दिया है। जबकि पहले भारतीय सेना फिंगर 1 से 8 तक गश्त करती थी और उसकी धारणा के हिसाब से फिंगर 8 के बाद एलएसी पड़ती है।

सर्दियों की तैनाती की तैयारी

विवाद के जारी रहने की वजह से सेना ने पूर्वी लद्दाख में सर्दियों के लिए तैनाती की तैयारियां करना शुरू कर दिया है। एलएसी पर सेना की सामान्य टुकड़ियों के अलावा एहतियातन 40 हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। अपने ठिकानों से वायुसेना के लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर लगातार गश्त कर रहे हैं। जवानों के लिए जरूरी रसद, राशन, टेंट, जूते, कपड़ों और टेंटों की सप्लाई का काम जारी है।

सितंबर के आखिर से पूर्वी लद्दाख में सर्दियों का आगाज हो जाएगा। चीन की ओर से एलएसी के अपने इलाके में बड़ी तादाद में सैन्य जमावड़ा किए जाने के बाद भारतीय सेना ने अपनी तैनाती बढ़ाई है। इसमें दो जगहों से पहाड़ों पर युद्ध लड़ने में सक्षम दो डिवीजन लद्दाख भेजी गई हैं। मध्य-प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से भेजे गए आर्मर्ड कॉलम इसमें शामिल हैं।

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